Difference between PCOS and PCOD in Hindi: जानें लक्षण और उपाय

Difference between PCOS and PCOD in Hindi: पीसीओडी (PCOD) और पीसीओएस (PCOS) महिलाओं को होने वाली दो सामान्य हार्मोनल असंतुलन की समस्याएं हैं। उनके नामों में समानता होने के कारण कई बार लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं। हालांकि, इन दोनों स्थितियों में बहुत कम अंतर होता हैं। इस लेख में हम आपको पीसीओडी (PCOD) और पीसीओएस (PCOS)  के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझने में आपकी मदद करेंगे। 

पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) और पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (PCOD) दो ऐसे नाम हैं जो हमेशा एक दूसरे के स्थान पर प्रयोग किये जाते है। हालांकि दोनों अलग-अलग स्थितियों को दिखाने के लिए प्रयोग किये जाने चाहिए। दोनों के लक्षण, उपचार, और स्थितियां अलग-अलग होती हैं, इसलिए दोनों में अंतर जानना बहुत ही जरूरी है। ये ऐसी स्थिति है जो महिलाओं में होती है जिन्हें समझना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

Difference between PCOS and PCOD in Hindi
Difference between PCOS and PCOD in Hindi

आपका स्वागत है इस आर्टिकल में जिसमें मैं आपको यह बताऊंगा कि पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम PCOS और पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज PCOD में अंतर क्या है और किन तरीकों से इनके लक्षणों को जान सकते हैं। साथ ही साथ यह भी बताऊंगा कि PCOS और PCOD का इलाज कैसे कर सकते हैं। यदि आप इन्हें डिटेल में जानना चाहते हैं तो नीचे दिए गए पंक्तियां को पढ़ सकते हैं।

Difference Between PCOS and PCOD:

जबकि PCOS और PCOD में कुछ समानताएं हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं जो दोनों स्थितियों के बीच अंतर करने में मदद कर सकते हैं:

  • PCOS में महत्वपूर्ण हार्मोनल असंतुलन शामिल है, जिसमें एंड्रोजन का स्तर ऊँचा होता है, इंसुलिन प्रतिरोध, और पाचन में दिक्कत शामिल होती है, वहीं PCOD में अधिकांश ओवेरियन सिस्ट और थोड़ा हार्मोनल बदलाव होता है।

  • PCOS से पीड़ित महिलाओं को बांझपन का खतरा, टाइप 2 डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, और कैंसर का खतरा PCOD से अधिक होता है।
Criteria – कारक PCOD PCOS
Name पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (PCOD)  पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS)
हार्मोनल असंतुलन

हल्का

स्पष्ट 
लक्षण

 हल्के लक्षण (ज्यादा  पीरियड्स, हल्के  मुंहासे)

गंभीर लक्षण (ज्यादा  या बंद पीरियड्स, ज्यादा मुंहासे, असामान्य बालों का बढ़ना, मोटापा)
कारण असंतुलित आहार, अनियमित व्यायाम, तनाव (पूरी तरह से स्पष्ट नहीं) आनुवंशिकी, हार्मोनल असंतुलन (पूरी तरह से स्पष्ट नहीं)
इलाज डेली लाइफ में बदलाव और हल्का इलाज  डेली लाइफ में बदलाव, दवाएं, और कभी-कभी सर्जरी भी 
गंभीरता कम गंभीर ज्यादा  गंभीर ज्यादा 
     

Symptoms of PCOD and PCOS – पीसीओडी और पीसीओएस के लक्षण 

दोनों स्थितियों में कुछ सामान्य लक्षण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अनियमित या लंबे मासिक धर्म चक्र (बार-बार पीरियड्स का आना)
  • मुंहासे का होना 
  • अनचाहे बालों का बढ़ना 
  • वजन का  बढ़ना

हालांकि, पीसीओएस में ये लक्षण अधिक गंभीर और लगातार हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पीसीओएस वाली महिलाओं को बांझपन का भी सामना करना पड़ सकता है।

Polycystic Ovary Syndrome (PCOS):

पॉलिसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम एक हार्मोनल डिसऑर्डर है। इसके कई लक्षण होते हैं, जैसे कि अनियमित मासिक धर्म साइकिल(बार-बार पीरियड्स का आना), ज्यादा एंड्रोजन लेवल, और ढेर सारे ओवरी। यह ज्यादातर प्रजनन आयु की महिलाओं को प्रभावित करता है और महिला का बच्चा ना होने का सबसे बड़ा कारण है। यदि आप इसके लक्षण संक्षिप्त में जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए पॉइंट्स को पढ़ सकते हैं।

Difference between PCOS and PCOD in Hindi
Difference between PCOS and PCOD in Hindi

Menstrual Irregularities ((बार-बार पीरियड्स का आना)): वैसे महिलाएं जिन्हें PCOS होता है, उन्हें मासिक धर्म (बार-बार पीरियड्स का आना) अनियमित हो जाता है, जिससे लंबे समय तक होना, ज्यादा खून निकलना या मासिक धर्म (पीरियड्स) न होना जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

Hyperandrogenism (हाइपरएंड्रोजेनिज्म): PCOS के समय एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) जैसे कि टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ जाता है। इस हार्मोन के अनियमित लेवल के कारण कई लक्षण हो सकते हैं, जैसे कि चेहरे, छाती, और पीछे अधिक बाल उगाना और गंजेपन की समस्याएँ।

Polycystic Ovaries (पॉलिसिस्टिक अंडाशय): महिलाओं में PCOS के समय वैजाइना के अंदर ढेर सारे सिस्ट या ओवरी दिखाई देते हैं, जिसे सिर्फ अल्ट्रासाउंड इमेजिंग के माध्यम से ही देखा जा सकता है।

Metabolic Issues (पाचन में समस्याएँ): PCOS के कारण हमारे शरीर में इंसुलिन की समस्याएँ हो सकती हैं, जिससे मोटापा, वजन बढ़ना, और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इंसुलिन की कमी के कारण शरीर में चीनी की समस्याएँ हो सकती हैं।

Polycystic Ovarian Disease (PCOD):

PCOD की जगह पर कभी-कभी PCOS भी प्रयोग किया जाता है, लेकिन यह उससे बहुत ही अलग है। इस स्थिति में वेजाइना से ढेर सारे सिस्ट ओवरी के ऊपर होते हैं। इसे PCOS का छोटा रूप भी माना जाता है और इसमें हार्मोन का स्तर बराबर नहीं होता। यदि आप इसके लक्षण को डिटेल में जानना चाहते हैं तो नीचे दिए गए पंक्तियों को पढ़ सकते हैं।

Difference between PCOS and PCOD in Hindi
Difference between PCOS and PCOD in Hindi

Ovarian Cysts (अंडाशय पुटिका): PCOD का सबसे बड़ा लक्षण अंडाशय पर कई सिस्ट उपस्थित होना है। यह सिस्ट थैली जैसी होती है जो इवोल्यूशन का फेल होने का कारण बनती है।

Menstrual Irregularities (बार-बार पीरियड्स का आना): PCOS की तरह, PCOD से पीड़ित महिलाओं को भी अनियमित मासिक धर्म का सामना करना पड़ता है, जिसमें लंबे समय तक पीरियड्स न आना, खून बहना, या मेंस्ट्रुएशन ना होना शामिल है।

Hormonal Imbalance (हार्मोनल असंतुलन): PCOD के समय हार्मोन असंतुलन हो सकता है, लेकिन वे इतने स्पष्ट नहीं होते हैं। इस स्थिति से पीड़ित महिलाओं में एंड्रोजन का स्तर थोड़ा बढ़ जाता है।

Metabolic Factors (पाचन में समस्याएं): PCOD इंसुलिन के साथ बहुत ही काम संबंध होता है, फिर भी कुछ औरतों में वजन बढ़ाने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

Preventions of PCOS & PCOD

अगर आप चाहते हैं कि आपको PCOS और PCOD जैसी खतरनाक बीमारियाँ न हों, तो नीचे दिए गए सभी प्रिवेंशन को फॉलो करें।

Maintain a Healthy Weight(स्वस्थ वजन बनाए रखें): अपने मोटापे को अपने कंट्रोल में रखें, नहीं तो आपकी इंसुलिन का लेवल बढ़ सकता है, जिससे आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

Eat a Healthy Diet(स्वस्थ आहार खायें): हेल्दी भोजन खाएं, जैसे कि ताजा फल, सब्जियाँ, प्रोटीन, और अनाज जो आपके हार्मोन्स को बैलेंस करके रखें।

Exercise Regularly(लगातार व्यायाम करें): प्रतिदिन व्यायाम करें ताकि आपकी इंसुलिन कम हो सके और आपके स्वास्थ्य में बदलाव आ सके।

Manage Insulin Resistance(इंसुलिन प्रतिरोध को प्रबंधित करें): अगर आपको डायबिटीज है तो अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर से दवा का प्रिस्क्रिप्शन ले सकते हैं, जिसकी मदद से PCOS लक्षणों में बदलाव आ सके।

Use Birth Control: अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर के कहने पर बर्थ कंट्रोल पिल का इस्तेमाल करें, जिससे ओवुलेशन में बदलाव आ सके।

Read Also: 15 KG Weight Loss in 1 Month Diet Plan in Hindi: वजन घटाने का आसान डाइट प्लान

हमने इस आर्टिकल में “Difference between PCOS and PCOD” के रिलेटेड सभी जानकारी को आपके साथ साझा किया है। हम उम्मीद करते हैं कि इसआर्टिकल में बताई गई सभी जानकारी आपको चाहिए और आपको समझ में भी आया होगा। अगर आपने इस आर्टिकल का अंतिम चरण तक पहुंच गए हैं तो कृपया इस लिंक को अपने दोस्तों में जरूर शेयर करें। अगर आपको PCOS और PCOD के बीच का अंतर समझने में किसी भी तरह की परेशानी है, तो कमेंट बॉक्स में पूछें।

Disclaimer: इस वेबसाइट पर बताई गई सूचनाएँ सामान्य जानकारी के रूप में हैं और इसे डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं लेना चाहिए, हमारा उद्देश्य केवल सामाजिक जागरूकता बढ़ाना है और किसी भी रूप में इसे डॉक्टर या निदान के रूप में नहीं लेना चाहिए। इस ब्लॉग में दी गई किसी भी सूचना या सुझाव का उपयोग करने से पहले व्यक्तिगत स्वास्थ्य की जांच जरूर करें और विशेषज्ञ सलाह प्राप्त करें। हम किसी भी व्यक्ति की चिकित्सा सलाह की जिम्मेदारी नहीं लेते हैं।

Read Also: PCOS Treatment in Hindi: सरल और प्रभावी उपाय

Read Also: Korean Habits For Healthy Life in Hindi: कोरियाई लोगों की स्वस्थ जीवनशैली के रहस्य

 

Leave a Comment