Difference Between Piles And Fissure: अंतर, कारण, लक्षण और इलाज

Difference Between Piles And Fissure in Hind: जब हमारे गुदा क्षेत्र में किसी प्रकार की स्वास्थ्य परेशानी हो, तो हम उसे पाइल्स और फिशर बुलाते हैं। पर बहुत लोगों को यह भ्रम होता है कि कौन फिशर है और कौन बवासीर है। फिर भी, दोनों के बीच में अंतर जानना हमारे इलाज के लिए बहुत ही जरूरी है। हम आपको बता दें कि पाइल्स और फिशर दोनों ही हमारे शरीर के सौच करने वाली नाली में होता है, जिससे पीड़ित को बहुत ही असहनीय दर्द होता है।

Difference Between Piles And Fissure
Difference Between Piles And Fissure 

आपका स्वागत है इस आर्टिकल में जिसमें मैं आपको यह बताऊंगा कि आप पाइल्स और फिशर में अंतर कैसे जान सकते हैं, और इसके कारण क्या है। इस आर्टिकल में यह भी जानेंगे कि इसके लक्षण और इलाज क्या है। हम आपको बता दें कि फिशर और पाइल्स को ऑपरेशन के द्वारा ठीक किया जा सकता है।

Difference Between Piles And Fissure 

Pilles (बवासीर ):

पाइल्स जिसे बवासीर भी कहा जाता है, जब रेक्टम के धमनी फूल जाते हैं तो यह दर्दनाक समस्या पैदा होती है। यह अंदर या बाहर दोनों जगह पर हो सकती हैं और इसे इसके स्थान और गंभीरता को ध्यान रख कर बांटा जाता है। आंतरिक बवासीर मलाशय के अंदर बनती है, वही दूसरी तरफ बाहरी बवासीर गुदा के आसपास की चमड़ा पर होती है।

Pilles Causes (कारण):

पाइल्स होने के कई कारण हो सकते हैं:

  • Straining during bowel movements (मल त्याग के दौरान तनाव होना)
  • Chronic constipation or diarrhea (पुरानी कब्ज या दस्त)
  • Obesity (मोटापा)
  • Pregnancy (गर्भावस्था)
  • Sitting for prolonged periods (लंबे समय तक बैठे रहना)
  • Aging (उम्र बढ़ने)

Pilles Symptoms (लक्षण):

पाइल्स के सामान्य लक्षण यह हैं:

  • मलाशय से रक्तस्राव (मल त्याग के दौरान चमकीला लाल रक्त)
  • गुदा क्षेत्र में खुजली या जलन
  • दर्द या असुविधा, विशेष रूप से मल त्याग के दौरान
  • गुदा के पास सूजन या गांठ
Difference Between Piles And Fissure

Pilles Treatment (इलाज):

बवासीर का इलाज, लक्षण की गंभीरता को देखते हुए कई तरीकों से किया जा सकता है। कुछ स्थितियों में अपने लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर बवासीर को कम किया जा सकता है, जैसे कि:

  • अपने मल को सॉफ्ट करने के लिए फाइबर आहार को ज्यादा से ज्यादा लें।
  • कब्ज से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
  • सूजन से बचने के लिए पीड़ित जगह पर क्रीम लगाएं ताकि आपको कम से कम परेशानी हो।
  • पानी को गर्म करके घाव पर कपड़े से सुखाएं।

Fissures (फिशर):

सौच नाली में जब दरार आ जाती है, तो फिशर कहा जाता है। इस परेशानी के होने का कोई कारण हो सकता है और कभी-कभी हमें असहज और दर्द से जुड़ा होता है, यह ज्यादातर पाचन के समय होता है।

Fissures Causes (कारण):

फिशर के कुछ सामान्य कारण हैं, जैसे कि:

  • Passing hard or large stools (कठोर या बड़ा मल त्यागना)
  • Chronic constipation or diarrhea (पुरानी कब्ज या दस्त)
  • Straining during bowel movements (मल त्याग के दौरान तनाव होना)
  • Childbirth (जन्म देते समय)
  • Anal trauma or injury (गुदा आघात या चोट)

Fissures Symptoms (लक्षण):

फिशर के प्रमुख लक्षण हैं, पाचन करते समय और बाद में असहनीय दर्द। और भी जैसे कि:

  • दस्त पर गहरा लाल रंग का खून आना।
  • दस्त वाले जगह पर खुजली और जलन होना।
  • निकले भाग पर दरार या फटा हुआ दिखाई देना।

Fissures Treatment (इलाज):

फिशर का इलाज करने के लिए दर्द से राहत पाना, फूल होना और दोबारा होने से बचाना जैसे प्रक्रियाएँ की जा सकती हैं। शुरुआती समय में यह किया जा सकता है:

  • दस्त को पतला करने के लिए फाइबर वाले भोजन खाना।
  • दर्द से राहत पाने के लिए क्रीम का उपयोग करना।
  • गर्म पानी के भीगे हुए कपड़े से पीड़ित जगह को सूखाना।

सबसे जरूरी चीज यह है कि चिकित्सा सलाह लें, क्योंकि स्थिति गंभीर होने पर ऑपरेशन भी किया जा सकता है।

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हमने इस आर्टिकल में पाइल्स और फिशर के बीच में विभिन्न अंतर को डिटेल के साथ समझाया है। हम उम्मीद करते हैं कि इस आर्टिकल में बताई गई सभी जानकारी सही है और आपको समझ में भी आया होगा। अगर आपने इस आर्टिकल के अंतिम चरण तक पहुंच गए हैं, तो कृपया इसे लोगों के साथ साझा करें। अगर आपके मन में ‘Difference Between Piles And Fissure के रिलेटेड कोई भी सवाल हो, तो कृपया कमेंट बॉक्स में पूछें।

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