IAS Divya Tanwar : हरियाणा की बेटी ने दो बार किया कमाल! पहले IPS, अब बनीं IAS अफसर

IAS Divya Tanwar: दोस्तों UPSC परीक्षा के परिणाम के बाद बहुत सारी ऐसी संघर्ष की कहानियाँ हमारे सामने आती हैं जो लोगो के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनती हैं जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे है हरियाणा के महेन्द्रगढ़ की रहने वाली IAS दिव्या तंवर की जो अपने UPSC के पहले ही एटेम्पट में 22 साल की उम्र में IPS अधिकारी बन गयी थीऔर दूसरे प्रयास में 23 साल की उम्र में IAS अधिकारी बन गयी थी
IAS Divya Tanwar
IAS Divya Tanwar

दिव्या तंवर का नाम आज हर UPSC (Union Public Service Commission) यंग एस्पिरेंट के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुका है। उन्होंने न सिर्फ एक बार बल्कि दो बार भारत की सबसे मुश्किल मानी जाने वाली कठिन UPSC परीक्षा को पास कर के सबको चौंका दिया। 2021 में वह IPS ऑफिसर बनीं, और फिर 2022 में उन्होंने बेहतर रैंक हासिल करने के लिए UPSC की परीक्षा को दोबारा दिया और IAS बनने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया।

दिव्या तंवर के संघर्ष और सफलता की कहानी, जिसने ना सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। जानिए उनकी सफलता की कहानी और कैसे उन्होंने पहले IPS फिर IAS अफसर बनने का सपना पूरा किया।

IAS Divya Tanwar

IAS Divya Tanwar UPSC Topper 2021 Background
Name IAS Divya Tanwar
Gender Female
UPSC Exam Year 2022
Age of Exam Pass 22
Number of Attempts 2
Educational Background B.Sc (PCM)
ALL India Rank in First Attempt 2021 AIR – 438
ALL India Rank in 2nd Attempt 2022 AIR – 105
Marks in Personality Test in 2022 160
Mains 2021 834
Total Marks 2022 994
Native Place Mahendragarh, Haryana
Optional Subject Hindi Literature
Graduation University Govt. PG College

IAS Divya Tanwar’s Early Journey – दिव्या तंवर की प्रारंभिक यात्रा

दिव्या की कहानी जमीनी सच्चाई से जुड़ी है। दिव्या तंवर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक गांव निंबी की रहने वाली हैं। साधारण परिवार में पली-बढ़ीं दिव्या ने अपनी  पांचवीं कक्षा तक की प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से प्राप्त की थी। बाद में उनका नवोदय विद्यालय में उनका चयन हो गया था, जिसकी वजह से उनकी शिक्षा की दिशा पूरी तरह से बदल गयी थी। सरकारी पीजी कॉलेज से स्नातक करने के बाद, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते हुए गांव के स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। वहीं से  उन्होंने स्कूल में बच्चों को पढ़ाकर अपनी फीस और किताबों का खर्च निकाला शुरू कर दिया था।

इसी स्कूल में दिव्या ने पहली बार एक IAS ऑफिसर SDM को मुख्य अतिथि के रूप में देखा था। उस समय उन्हें लगा कि सरकारी सेवाओं में शामिल होकर समाज के लिए बेहतर काम किया जा सकता है। यहीं से दिव्या एक IAS Officer बनने की सोची थी। 

Inspiration for Millions of Women – लाखो महिलाओ के लिए बनी प्रेरणा

महेन्द्रगढ़ हरियाणा के एक छोटे से गांव में रहने वाली IAS दिव्या तंवर से हमारे समाज की हर बेटी और बहु को दिव्या से प्रेरणा हासिल करनी चाहिए चाहे आप माँ की भूमिका में हो या फिर बेटी की, दोनों ही भूमिकाओं में अगर आप खुद पर भरोसा रखरकर किसी भी बड़े से बड़े मकाम को हासिल कर सकती हो आपके रस्ते में कितनी ही परेशानिया क्यों न हो आप आसानी से उन मुश्कलिओ का सामना कर के आसानी से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हो
दिव्या ने अपने पिता के जाने बाद तीन बच्चो की परवरिश करने वाली अपनी माँ के लिए देखे सपने को सच कर दिया दिव्या ने खा में जब स्कूल में थी तो एनुअल फंक्शन के दिन SDM सर चीफ गेस्ट बनकर आए थे उन्होंने वंहा स्पीच दी थी, उन्हें इतनी इज़्ज़त मिली तो सोचा की मुझे भी IAS बनना हैं
IAS Divya Tanwar

Financial Condition Was Not Good – परिवार की आर्थिक स्थिति नहीं थी ठीक

आईएएस दिव्या तंवर के घर की आर्थिक स्थिति ख़राब थी पिता के जाने के बाद दिव्या की माँ ही घर का खर्च चालाती थी दिव्या ने बचपन से आईएएस बनने की ठान ली थी, जब वह कॉलेज गयी तो UPSC के बारे में पता चला वहां से इन्होने इंटरनेट से UPSC की वेबसाइट से सिलेबस और पैटर्न देखा और तैयारी शुरू कर दी
 
दिव्या का कहना है की “शरुआत से से पॉजिटिव ऐटिटूड रखा, सोच लिया था की इसे क्रैक करना हे तो इसी एक कमरे में तैयारी करनी है, माँ के साथ-साथ भाई बहन ने भी साथ दिया “दिव्या बताती है की उन्होंने 5वी तक की पढ़ाई गांव में ही की थी, फिर 12वी तक नवोदय स्कूल में पढ़ाई की, इसके बाद सरकारी PG कॉलेज से ग्रेजुएशन किया दिव्या ने ने ग्रेजुएशन के बाद ही से UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी फीस और किताबों का खर्च उठाने के लिए गांव के ही स्कूल में पढ़ाया | घर पर भी बच्चो को टूशन पढ़ाया था
IAS Divya Tanwar

बिना कोचिंग के पास की UPSC परीक्षा

दिव्या के घर की आर्थिक स्थिति खराब थी जिसके कारण दिव्या ने किसी कोचिंग से पढाई नहीं कीदिव्या तंवर ने बिना किसी कोचिंग के ही देश की सबसे कठिन परीक्षा को पास कर  लिया उन्होंने सेल्फ स्टडी ही की और इंटरनेट की मदद से टेस्ट सीरीज, के साथ साथ अलग अलग रिसोर्सेज की की सहायता से मदद ली उनका कहना है की उन्होंने हर रोज़ 10 घंटे पढ़ाई की   

IAS  दिव्या तंवर ने अपना पहला प्रयास 2021 में दिया था पहले ही प्रयास में उन्होंने 438वीं रैंक हासिल की थीऔर IPS पोस्ट मिली, और मणिपुर कैडर अलॉट हुआ था तब उनकी उम्र 22 वर्ष थी उन्होंने IAS  बनने के लिए अपनी पढ़ाई जारी राखी और उनकी मेहनत रंग लाई इस बार उन्हें 105 वीं रैंक हासिल हुई और महज 23 साल की उम्र में IAS  बन गई IAS  Divya Tanwar ने हिंदी medium से ही UPSC की परीक्षा पास की है

Divya Tanwar’s Success Lesson – दिव्या तंवर की सफलता से सीख

दिव्या तंवर की कहानी हमें यह सीख देती है कि UPSC की परीक्षा को पास करने के लिए महंगे कोचिंग या  बड़े शहरों की सुविधाओं की जरूरत नहीं होती। कड़ी मेहनत, लगातार प्रयास और सही रणनीति के साथ, कोई भी इस कठिन परीक्षा को पास कर सकता है।

दिव्या का उदाहरण न केवल UPSC उम्मीदवारों के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पाने के लिए कड़ी मेहनत करना चाहता है। दिव्या की कहानी खासकर उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के साथ UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

FAQ:

Ques: Ias Divya Tanwar Height ? 

Ans: Approx. 5 Ft 6 Inch.

Ques: Ias Divya Tanwar Age ?

Ans: Approx. 26 Years.

Ques: Ias Divya Tanwar Optional Subject ?

Ans: Hindi Literature

Ques: Divya Tanwar College Name

Ans: Govt. PG College, Mahendragarh

Ques: Divya Tanwar Dob(Date Of Birth)

Ans: Year 1997

Ques: Ias Divya Tanwar Current Posting

Ans: Manipur Cadre

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